इजरायल के नेतन्याहू ने यूएन में दिखाए वरदान और श्राप के नक्शे, क्या है इनकी कहानी, भारत से क्या संबंध

इजरायल
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने यूएन महासभा में जोरदार तरीके से अपनी बात रखी। इस दौरान उन्होंने दो नक्शे दिखाते हुए कहा कि एक नक्शा दुनिया के लिए वरदान है तो दूसरा नक्शा एक श्राप है, अगर किसी को लगता है कि यह केवल इजरायल के लिए है तो उन्हें इस बारे में दोबारा सोचने की जरूरत है क्योंकि यह पूरी दुनिया के लिए है। इस श्राप की जड़ में बैठा ईरान बहुत सारे आतंकी संगठनों को संरक्षण देता है, वह लगातार अपने देश के अंदर अत्याचार करता है और दुनिया के सामने मसीहा बनने की कोशिश करता है। हमास और हिजबुल्लाह से दो तरफा युद्ध लड़ रहे इजरायल के पीएम ने ईरान को धमकी देते हुए कहा कि मैं तेहरान में बैठे तानाशाहों को बता देना चाहता हूं कि उन्होंने अगर इजरायल पर हमला किया तो उन्हें भयंकर पलटवार का सामना करना पडेगा।

वरदान वाले नक्शे की क्या कहानी
नेतन्याहू के द्वारा जो वरदान वाला मैप दिखाया गया एक व्यापारिक रास्ते का था। जिसे अमेरिका समेत तमाम पश्चिमी देश चीन के बीआरआई के बराबर खड़ा करना चाहते थे। इसलिए अमेरिका बहुत कोशिश करके इस रास्ते के लिए अरब देशों और इजरायल के बीच दुश्मनी खत्म करवा कर अब्राहम समझौता करवा रहा था। इसके जरिए हिंद महासागर से लेकर अरब देशों और इजरायल से होते हुए एक व्यापारिक रास्ता जोडा जाता जो सीधा जाकर भूमध्य सागर से जुड़ता और वहां से यूरोप को जोड़ता। भारत के पश्चिमी तट से इस रास्ते की शुरुआत की जा रही थी। इससे भारत, यूरोप और अरब देशों के बीच में व्यापार को बढ़ावा मिलता और करोड़ों लोगों की जिंदगियों में सुधार होता। यह सब 7 अक्तूबर 2023 के पहले सच होता दिख रहा था, लेकिन हमास के हमले ने इस प्रोजेक्ट को ठंड़े बस्ते में डाल दिया। क्योंकि यह प्रोजेक्ट चीन के बीआरआई का काउंटर था इसलिए कई विशेषज्ञ 7 अक्टूबर के हमले में परोक्ष रूप से चीन का हाथ भी मानते हैं।

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काले श्राप वाले नक्शे की कहानी
इजरायली पीएम ने दूसरे नक्शे में काले रंग से चार देशों को प्रदर्शित करते हुए उन्हें दुनिया के लिए एक श्राप बताया। उन्होंने इसमें ईरान, इराक, सीरिया और यमन को काला अभिशाप बताया। इजरायली पीएम ने कहा कि यह पूरी दुनिया के लिए खतरा हैं और इसकी जड़ में ईरान है क्योंकि वही एक देश है जो लगातार अपनी कट्टरता के लिए आतंकवादी संगठनों की मदद करता है। पूरी दुनिया में कट्टरता फैलाने के लिए वह बैलेस्टिक मिसाइले बना रहा है कि जब वह न्यूक्लियर वॉरहैड बनाने में सक्षम हो तो वह पूरी दुनिया को चेक पर रख सके। ईरान के सहयोग से ही हिजबुल्लाह हम पर लगातार मिसाइलों से हमला कर रहा है। दरअसल, ईरान समेत यह देश लगातार इजरायल पर हमला करते रहे हैं। सीरिया में आतंकी संगठन आईएसआईएस का कंट्रोल है तो इराक का भी लगभग यही हाल है। यमन मे ईरान समर्थित हूती विद्रोही लगातार इजरायल को परेशान करना जारी रखते हैं।

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इन नक्शों में सबसे ज्यादा गौर करने वाली बात यह है कि इसमें गाजा, वेस्ट बैंक के आजाद फिलीस्तीनी क्षेत्र और सीरिया के गोलान हाइट्स को भी इजरायल का हिस्सा बताया गया है। यूएन महासभा में नेतन्याहू ने खुले तौर पर कहा कि वह जंग में जीत के बाद गाजा को हमास को नहीं सौपेंगे। उन्होंने कहा कि गाजा को दोबारा हमास को सौंपने का मतलब होगा कि हम एक और 7 अक्तूबर का इंतजार करें। हम ऐसा बिल्कुल नहीं कर सकते, हमें हमास को खत्म करना ही होगा। पूरे दुनिया को यह समझना होगा, कि हम अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं। अगर हम युद्ध नहीं करते हैं तो हमें खत्म कर दिया जाएगा।

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